नई दिल्ली : वैश्विक ऊर्जा संकट और ईरान से जुड़े तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी में भारी कटौती की गई है, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज़ ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी है, जबकि डीज़ल पर इसे 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इस फैसले के बाद फिलहाल पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होगी।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव के चलते तेल सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान को कम करने और आम जनता को राहत देने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार भी जताया।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है। इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने भी अपने पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही है। हालांकि, कई जगहों पर अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
इस बीच Nayara Energy ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपये और डीज़ल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी ने इसके पीछे बढ़ती लागत को जिम्मेदार बताया है। कुल मिलाकर, सरकार के इस फैसले से जहां आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं तेल कंपनियों को भी बढ़ती लागत के दबाव से कुछ राहत मिल सकती है। अब देखना होगा कि वैश्विक हालात के बीच यह राहत कब तक कायम रहती है।